सीधे मुख्य सामग्री पर जाएं

संदेश

महिला अधिकार लेबल वाली पोस्ट दिखाई जा रही हैं

किसी भी कार्यस्थल पर अभद्र और अशोभनीय व्यवहार करने वालों को नियंत्रित करने का कार्य करती है... आंतरिक शिकायत समिति लेकिन इस समिति का गठन आपका एक आरटीआई आवेदन करवा सकता है क्योंकि जब आपका आवेदन प्रस्तुत होगा तो नियोक्ता को उसकी जिम्मेदारी पूरी करनी पड़ेगी पढ़िए कैसे ?

कामकाजी महिलाओं को सुरक्षित महसूस करवाने के लिए शासन ने महिलाओं का कार्यस्थल पर लैंगिक उत्पीड़न (निवारण, प्रतिषेध और प्रतितोष) अधिनियम, 2013 लागू किया और इस अधिनियम में कामकाजी महिलाओं की सुरक्षा को सुनिश्चित करवाने के लिए आवश्यक सभी प्रावधान किए हैं जिसके तहत सभी कार्यालयों और कार्यस्थलों के नियोक्ताओं को महिला सुरक्षा की पदेन जिम्मेदारी सौंपी गई है जिसके तहत नियोक्ता को उसके कार्यालय में अनिवार्यतः आंतरिक शिकायत समिति का गठन करवाना है । उल्लेखनीय है कि, इस समिति के बाहरी सदस्य रूप में जनता का एक प्रतिनिधि जो सामाजिक कार्यकर्ता की पहचाना रखता हो और महिलाओं की सुरक्षा करने की सक्षमता रखता हो वह कार्यालय के आंतरिक शिकायत समिति का सदस्य बनकर महिलाओं की सुरक्षा की जिम्मेदारी उठायेगा और इस शिकायत समिति का निर्णायक हिस्सा बनाकर कार्य करने के लिए विधिक दृष्टिकोण से प्राधिकृत होगा । अगर इस बात आपको विश्वास नहीं हो रहा है तो आप नीचे दिए गए आरटीआई आवेदन को कॉपी करके किसी भी स्कूल, कालेज, अस्पताल, शासकीय और अशासकीय कार्यालयों, उद्योगों के कार्यालयों में देकर ज...

कामकाजी महिलाओं को सुरक्षित महसूस करवाने के लिए शासन ने महिलाओं का कार्यस्थल पर लैंगिक उत्पीड़न (निवारण, प्रतिषेध और प्रतितोष) अधिनियम, 2013 लागू किया और इसमें कामकाजी महिलाओं की सुरक्षा को सुनिश्चित करवाने के लिए आवश्यक सभी प्रावधान किए हैं... जिसके तहत सभी कार्यालयों और कार्यस्थलों के नियोक्ताओं को महिला सुरक्षा की पदेन जिम्मेदारी सौंपी गई है और बाहरी सदस्य के रूप में जनता का एक प्रतिनिधि इस जिम्मेदारी का निर्णायक प्राधिकारी बनाकर कार्य करने के लिए प्राधिकृत किया गया है निचे लिखी है पूरी जानकारी

  क्या आप एक आरटीआई आवेदन देकर बड़ा बदलाव लाने के इच्छुक है ? महिला सुरक्षा व्यवस्था सुनिश्चित करवाने के लिए आपका एक आरटीआई आवेदन काफी है अगर इस बात पर आपको विश्वास नहीं हो रहा है तो आप इस लेख के अंत में दिए गए लिंक पर जाकर आरटीआई आवेदन को कॉपी करके किसी भी स्कूल , कालेज , अस्पताल , शासकीय और अशासकीय कार्यालयों , उद्योगों के कार्यालयों में देकर जानकारी मांगकर देखिए आपको आपके आरटीआई आवेदन का वास्तविक विधि मान्य महत्व आपको समझ आ जायेगा उल्लेखनीय है की आपका आरटीआई आवेदन महिलाओं को सुरक्षित महसूस करवाने वाली परिस्थितियों उत्पन्न कर देगा । एक आवेदन देकर तो देखिए । पत्र क्रमांक :-.                             दिनांक    :- प्रति , श्रीमान जन सूचना अधिकारी कार्यालय  विषय :- सूचना का अधिकार अधिनियम 2005 के तहत जानकारी अभिप्राप्त करने बाबत संदर्भ :- कार्यस्थल पर लैंगिक उत्पीड़न ( निवारण , प्रतिषेध , और प्रतितोष ) अधिनियम 2013 की...

क्या आपके जानकारी में या आपके आस-पास ऐसा कोई स्कूल, कालेज, अस्पताल, शासकीय और गैर-शासकीय कार्यालय है… जिसमे विधिवत शिकायत समिति गठित नहीं की गई है …. अगर ऐसा है तो आपको आपकी जन भागीदारी देनी पड़ेगी क्योंकि महिलाये असुरक्षित हैं…? नीचे लिखा है विवरण

कार्यस्थल पर आंतरिक शिकायत समिति का अस्तित्व नहीं होने के मायने क्या हैं ? क्या यह नियोक्ता के गैर जिम्मेदाराना कार्य व्यवहार को साबित नहीं करता है जैसे कई सवाल पर यह लेख प्रकाश डाल रहा है क्या आप कामकाजी महिलाओं की व्यवहारिक सुरक्षा व्यवस्था बनाने के लिए आपका योगदान देना चाहते है तो... ? इन तिन विचारणीय पहलुओं से विचार करिए   १) आरटीआई आवेदन देकर बड़ा बदलाव लाइए और पहल करिए   २) शासकीय / गैर शासकीय कार्यालय के कार्य व्यवहार में बदलाव लाने के लिए आपका अहम योगदान दीजिये ३) आपकी लोकतांत्रिक भूमिका और शक्तियों का इस्तमाल करके आपका परिचय बढाइये क्योंकि कामकाजी महिलायें अपने कार्य क्षेत्र पर आंतरिक शिकायत समिति के आभाव है जिसका कारण निम्नानुसार है :- शिकायत निवारण की व्यवस्था का आभाव कार्यस्थल के नियोक्ता द्वारा अपने संगठन में लैंगिक उत्पीड़न के निवारण की व्यवस्था नहीं करना यह दिखाता है कि उस शासकीय विभाग या संगठन में लैंगिक उत्पीड़न को रोकने और नियंत्रित करने के मुद्दे को विधि निर्देशानुसार मान्यता या महत्व नहीं दिया जा रहा है और यह आपत्तिजनक कार्य व्यवहार इस बात की ओर इश...