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छत्तीसगढ़ शासन की श्रमायुक्त सेवाएं क्या कार्य करती और उन कार्यों को करने के क्या कानून है संक्षित में समझ लीजिए… तभी आप श्रमिकों की समस्याओं का निराकरण कर सार्थक प्रयास करने की दिशा में बढ़ सकते है…

विभिन्न श्रम अधिनियमों के प्रावधान अनुरूप छत्तीसगढ़ का श्रम विभाग अग्रलिखित कार्य करता है : श्रमिकों के सामाजिक एवं आर्थिक हितों का संरक्षण करने के मुख्य दायित्व का निर्वहन करता है।  श्रमायुक्त संगठन द्वारा श्रमिकों एवं प्रबंधन के मध्य परस्पर सामंजस्य स्थापित करता है। श्रमिक हितों का संरक्षण करता है । औद्योगिक शांति स्थापित कर औद्योगिक विकास में योगदान देता है।  श्रम विभाग विभिन्न श्रम अधिनियमों का प्रवर्तन कर श्रमिकों की सेवा शर्तों का नियमन, श्रमिकों की मजदूरी एवं अन्य हितलाभ का संरक्षण तथा औद्योगिक विवादों का निराकरण कर औद्योगिक शांति स्थापित करता है। ******************* ***************** श्रम अधिनियम एवं प्रवर्तन का दायित्व और कार्य क्षेत्र बेहद विस्तृत है इन दोनो कार्यों को करने के लिए श्रम क्षेत्र से जुड़े विभिन्न विषयों पर औद्योगिक संबंध विषयक जो श्रम कानून बनाए गए है उनके नाम निम्नानुसार है :  औद्योगिक जगत से संबंधित कानून के नाम है : औद्योगिक विवाद अधिनियम, 1947  छत्तीसगढ़ औद्योगिक संबंध अधिनियम, 1960 व्यवसाय संघ अधिनियम, 1926 छत्तीसगढ़ औद्योगिक नियोजन (स्था...

छत्तीसगढ़ शासन श्रम विभाग द्वारा श्रमिको के लिए उपलब्ध कराई जाने वाली सेवा… सेवा प्रदान करने के लिए निश्चित की गई समय-सीमा… सेवा प्रदान करने वाले पदाभिहित अधिकारी (पद)... सक्षम अधिकारी एवं अपीलीय प्राधिकारी का पदनाम…. निर्धारित कर जन सामान्य की जानकारी के लिए जारी किया है जिसे आप भी पढ़ लीजिए…

श्रमिको को मिलने वाला शासकीय योजनाओं का लाभ समय पर दिलवाने के लिए आवश्यक है की आपको इस बात की जानकारी होना चाहिए की श्रम विभाग ने किस शासकीय काम के लिए कितना समय निर्धारित किया है… क्या आप छत्तीसगढ़ श्रम विभाग के तहत संचालित योजनाओं और सेवाओं को प्रदाय करने की निर्धारित समय सीमा जानना चाहते है तो पढ़ लीजिए छत्तीसगढ़ शासन का यह आदेश… ******************** ******************** श्रमायुक्त सेवाए छत्तीसगढ़ राज्य के श्रम विभाग का मुख्य दायित्व विभिन्न श्रम अधिनियमों के माध्यम से श्रमिकों के…  आर्थिक,  शारीरिक एवं  सामाजिक हितों का संरक्षण करना है। श्रमायुक्त संगठन द्वारा श्रमिकों एवं प्रबंधन के मध्य परस्पर सामंजस्य स्थापित करते हुए श्रमिक हित एवं औद्योगिक विकास में योगदान दिया जाता है।  छत्तीसगढ़ का श्रम विभाग विभिन्न श्रम अधिनियमों का प्रवर्तन कर   श्रमिकों की सेवा शर्तों का नियमन कराना, श्रमिकों का वेतन एवं कार्य दशायें सुनिश्चित कराना तथा  औद्योगिक विवादों का निराकरण कर  औद्योगिक शांति स्थापित करने की जिम्मेदारी पूरी करता है । श्रम विभाग का मुख्य दायित्व ह...